रुडकी, मई 26 -- भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान रुड़की एवं विद्युत अधिनियम 2003 के तहत स्थापित एक वैधानिक निकाय फोरम ऑफ रेगुलेटर्स (एफओआर) ने आईआईटी रुड़की में नियामक मामलों के लिए उत्कृष्टता केंद्र स्थापित करने के लिए एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए हैं। इस अग्रणी पहल का उद्देश्य अत्याधुनिक विनियामक एवं नीति अनुसंधान करना सलाहकार सहायता प्रदान करना, क्षमता निर्माण कार्यक्रम आयोजित करना है। समझौता ज्ञापन के माध्यम से आईआईटी रुड़की अत्याधुनिक अनुसंधान का नेतृत्व करेगा। आईआईटी रुड़की के निदेशक प्रो. केके पंत ने इस ऐतिहासिक सहयोग पर गर्व व्यक्त किया और इसे भारत के विनियामक विकास में एक परिवर्तनकारी कदम बताया। कहा कि उत्कृष्टता केंद्र एक समयबद्ध पहल है जो आईआईटी रुड़की को विनियामक और नीति अनुसंधान के लिए एक राष्ट्रीय थिंक टैंक के रूप मे...
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