मुरादाबाद, जनवरी 6 -- जनसुनवाई और शिकायतों के निदान के भरोसेमंद मंच की रिपोर्ट हैरतअंगेज है। मुख्यमंत्री के महत्वपूर्ण अभियान को लेकर पंचायत विभाग कितना सतर्क है इसके लिए कुछ विभागीय आंकड़े कहानी के मजमून हैं। आईजीआरएस पर शिकायत करने वाले इस बात का भरोसा रखते हैं कि उसकी गुणवत्ता युक्त और समयबद्ध सुनवाई होगी। लेकिन, मुरादाबाद जनपद में ऐसा नहीं है। आकड़े इस बात के गवाह हैं कि मुरादाबाद के अलावा अमरोहा और बिजनौर के अधिकारी इसके प्रति पूरी तरह उदासीन बने हुए हैं। उप निदेशक पंचायत अभय कुमार यादव ने इसके लिए जनपद स्तर पर पत्र जारी किया है। उप निदेशक पंचायत ने आईजीआरएस प्रकरण के निस्तारण की पूरी कहानी बयां कर दी है। आंकड़े बताते हैं कि पंचायत विभाग की शिकायतें ठंडे बस्ते में हैं। अमरोहा में आठ मामलों का निस्तारण नहीं हुआ है और 40 को डिफाल्टर श्र...