लखनऊ, दिसम्बर 8 -- लखनऊ, विशेष संवाददाता। निजीकरण और विद्युत अधिनियम के प्रस्तावित संशोधन के खिलाफ एक जनवरी से शुरू होने वाले आंदोलन के पहले बिजली कर्मचारियों ने सोमवार से जागरूकता कार्यक्रम शुरू किया। वहीं, संयुक्त किसान मोर्चा ने संशोधन विधेयक के प्रारूप के विरोध में हर जिले में प्रस्तावित बिल की प्रतियां जलाईं। विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति के संयोजक शैलेंद्र दुबे ने बताया कि रविवार को आंदोलन के नए कार्यक्रम तय हुए हैं। उसी के बारे में लोगों को जानकारी दी गई। 21 को लखनऊ में रैली होगी। बिजली कर्मियों का मत निश्चित है कि जब तक निजीकरण का प्रस्ताव वापस नहीं होगा, बिजली कर्मियों पर की गई कार्रवाइयां वापस नहीं होंगी और विद्युत संशोधन अधिनियम रद्द नहीं किया जाएगा तब तब आंदोलन जारी रहेगा।

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