देवरिया, दिसम्बर 6 -- देवरिया, निज संवाददाता। टीईटी अनिवार्यता के विरोध के बीच शिक्षकों ने अपनी तैयारी भी शुरू कर दी है। उन्हें डर है कि अगर केंद्र सरकार या सर्वोच्च न्यायालय से राहत नहीं मिली तो क्या होगा। इस चिंता के बीच शिक्षकों ने दोबारा अपनी पढ़ाई शुरू कर दी है। तैयारी के लिए शिक्षकों ने ऑनलाइन क्लासेस भी ज्वाइन कर लिया है। 01 सितंबर 2025 को देश की सर्वोच्च अदालत के टीईटी अनिवार्य संबंधी फैसले से शिक्षक परेशान हैं। फैसले के अनुसार कक्षा एक से आठ तक पढ़ाने वाले जिन शिक्षकों की नौकरी पांच वर्ष से अधिक बची है, उन्हें टीईटी परीक्षा उत्तीर्ण करना अनिवार्य कर दिया गया है। दो साल के भीतर परीक्षा पास नहीं करने पर स्वैच्छिक सेवानिवृति या नौकरी से जबरन निकालने की बात कही गई है। जिले में कुल 2121 परिषदीय स्कूल और 71 सहायता प्राप्त विद्यालय हैं,...
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