बरेली, फरवरी 14 -- गांव से लेकर शहर तक सरकार की कल्याणकारी योजनाओं की सफलता के पीछे बड़ी भूमिका आंगनबाड़ी कार्यकत्री की होती है। छोटे-छोटे बच्चे और गर्भवती-धात्री को सेहतमंद बनाने में आंगनबाड़ी वर्कर रात-दिन एक करती हैं। कुपोषण भगाने के लिए पोषाहार वितरित करती हैं। बच्चों को खेल-खेल में पढ़ना सिखाती हैं पर मानदेय महज 6 हजार रुपये है। ऐसे में उनके सामने घर चलाने की चुनौती है। आंगनबाड़ी कार्यकत्री की कई भूमिका हैं। केंद्रों पर छह साल से छोटे बच्चों को खेल-खेल में अक्षर ज्ञान करती हैं। उनको उठने-बैठने और भोजन करने का तरीका बताती हैं। बोलने का संस्कार देती हैं। आंगनबाड़ी वर्कर को सरकार की ज्यादातर कल्याणकारी योजनाओं में अलग-अलग जिम्मेदारी दी जाती है। घर-घर जाकर मतदाता सूची को दुरुस्त कराने में आंगनबाड़ी का खास रोल रहता है। स्वास्थ्य विभाग की एएनएम ...
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