रामपुर, अक्टूबर 10 -- शासन ने धान खरीद प्रक्रिया में बिचौलियों की भूमिका खत्म करने के लिए इस बार बड़ा बदलाव किया है। अब किसानों की आइरिस स्कैन (नेत्र पहचान) के बाद ही उनसे धान की खरीद की जाएगी। आइरिस स्कैन के बाद किसान को ई-पॉस मशीन पर अंगूठा भी लगाना होगा। जिले में तीन अक्टूबर से 114 केंद्रों पर धान की खरीद चल रही है। अब तक 20 केंद्रों पर 140 एमटी धान खरीदा जा चुका है। जिले में किसानों को धान बेचने के लिए परेशानी न हो और बिचौलियों का दखल खत्म हो इसलिए नई तकनीकी का सहारा लिया है। पहले बिचौलिए फर्जी किसानों के नाम से मक्का की बिक्री कर देते थे, जिससे असली किसानों को नुकसान उठाना पड़ता था। अब आइरिस स्कैनिंग से किसान की पहचान सीधे आधार डाटा से मिलान कर ली जा रही है। इससे यह सुनिश्चित हो रहा है कि धान बेचने वाला व्यक्ति वास्तव में किसान ही है...
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