कौशाम्बी, अक्टूबर 12 -- नगर पालिका परिषद भरवारी पुरानी बाज़ार में रामलीला कमेटी की ओर से 10 दिवसीय रामलीला का मंचन बांदा से आए कलाकारों ने किया। चौथे दिन कलाकारों ने अहिल्या उद्धार की लीला का सजीव मंचन किया। मंचन में शिला पर भगवान श्रीराम का पद स्पर्श होते ही सुंदर नारी बन गई। कलाकारों ने दिखाया कि विश्वामित्र के साथ श्रीराम और लक्ष्मण जनकपुर की ओर जा रहे होते हैं। रास्ते में उन्हें एक वीरान आश्रम के पास एक पत्थर की शिला दिखाई देती है। गुरु विश्वामित्र बताते हैं कि यह गौतम ऋषि की पत्नी अहिल्या हैं, जिन्हें श्राप मिला था और वह पत्थर की बन गई थीं। भगवान श्रीराम अपने चरण स्पर्श से अहिल्या का उद्धार किया, जिससे वह पुन: अपने नारी रूप में परिवर्तित हो जाती हैं। उद्धार के बाद अहिल्या भगवान राम की जय-जयकार करती हैं और उनके प्रति आभार व्यक्त करती ...
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