हापुड़, मई 31 -- गढ़मुक्तेश्वर, संवाददाता। समाज, राष्ट्र, धर्म और आध्यात्मिक क्षेत्र में किए गए सराहनीय कार्य ही माता अहिल्याबाई को पुण्य श्लोक बनाते हैं, जिनके बताए आदर्शों पर चलकर समाजहित में भागीदार बना जाए। बहादुरगढ़ के महाराजा अग्रसेन सरस्वती शिशु मंदिर में शनिवार को अहिल्याबाई होल्कर का 300 वां जन्म शताब्दी वर्ष धूमधाम से मनाया गया। सामाजिक संगठन लोकभारती के तत्वाधान में हुए आयोजन में क्षेत्र संयोजक भारत भूषण गर्ग ने कहा कि व्यक्ति संसार में कितना समय जीवित रहा, यह महत्वपूर्ण नहीं होता बल्कि उसने अपने जीवन काल में क्या-क्या सराहनीय कार्य किए, यह कहीं अधिक महत्वपूर्ण होता है। अहिल्याबाई होलकर के द्वारा जो कार्य समाज, राष्ट्र, धर्म और आध्यात्म के क्षेत्र में किए गए थे, उन कार्यों के कारण ही उनको पुण्य श्लोक कहा जाता है। उन्होंने कहा क...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.