एटा, अक्टूबर 1 -- शहर के सैनिक पड़ाव स्थित रामलीला महोत्सव में बुधवार रात भक्ति और उत्साह का अद्भुत संगम देखने को मिला। रामलीला के मुख्य मंच पर युद्ध भूमि के दो सबसे महत्वपूर्ण और नाटकीय अध्यायों अहिरावण वध और कुंभकर्ण वध का मंचन किया गया। इन लीलाओं को देखकर सैकड़ों श्रद्धालुओं ने मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम के जयघोष लगाकर पूरी रामलीला भूमि को भक्तिमय कर दिया। मंचन का दायित्व श्रीज्ञान प्रकाश रामलीला मंडल, मथुरा के कलाकारों ने संभाला। कलाकारों ने अपने जीवंत अभिनय और प्रभावशाली संवाद अदायगी से दर्शकों को सीधे त्रेतायुग के रणक्षेत्र में पहुंचा दिया। वेशभूषा, मंच सज्जा और विशेष प्रभाव ने युद्ध के दृश्यों को अत्यंत विश्वसनीय और रोमांचक बना दिया।लीला के पहले भाग में कुंभकर्ण को नींद से जगाने और उसके युद्ध में उतरने का दृश्य दिखाया गया। अप...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.