प्रतापगढ़ - कुंडा, फरवरी 24 -- प्रतापगढ़, वरिष्ठ संवाददाता। क्षेत्र के पूरे केवल गांव में चल रहे श्रीमद्भावत कथा के तीसरे दिन मंगलवार को कथा वाचक आचार्य देवव्रत ने कहा कि अहंकार में मनुष्य की बुद्धि भ्रष्ट हो जाती है। वह क्या कर रहा है, इसका एहसास उसे तब होता है जब सब कुछ समाप्त हो जाता है। दुर्योधन को अहंकार न होता तो महाभारत में इतना बड़ा नरसंहार न हुआ होता। इसलिए सबसे पहले मनुष्य को अहंकार का त्याग करना चाहिए। इस अवसर पर शिवकुमार मिश्र, सुनीता मिश्रा, अभिषेक, दीपक सिंह, अनूप सिंह, मोहित मिश्रा, सुरेश मिश्रा, अमित मिश्रा, अखिलेश मिश्रा, लालजी मिश्र, आशीष मिश्रा, सत्येंद्र, विजय प्रकाश ओझा आदि मौजूद रहे।
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