मेरठ, अगस्त 30 -- मेरठ। शांतिनाथ दिगंबर जैन पंचायती मंदिर असोड़ा हाउस में शुक्रवार को दशलक्षण पर्व के दूसरे दिन उत्तम मार्दव धर्म का महत्व बताया गया। पंडित सिद्धांत शास्त्री ने विधि विधान से मंदिर में पूजन कराया। सुबह अभिषेक और शांतिधारा हुई। शांतिधारा का सौभाग्य राकेश जैन को प्राप्त हुआ। श्रद्धालुओं ने दशलक्षण विधान किया और अर्घ्य मांडले पर समर्पित किए। पंडित सिद्धांत शास्त्री ने कहा अभिमान व्यक्ति के अपयश के साथ संपूर्ण विनाश की निशानी है। अभिमान का शमन करने पर ही मार्दव धर्म का पालन होता है। यदि सम्मान पाना चाहते हो तो सामने वाले को सम्मान देना होगा। लक्ष्मी व्यय करने से बढ़ती है। यदि वह सद्कार्य में व्यय की जाए। दान, परमार्थ, जीव दया, मंदिर निर्माण, धर्मशाला निर्माण आदि में व्यय किया जाए तो धन कई गुना होकर प्राप्त होता है। रचित जैन ने ...
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