लखनऊ, दिसम्बर 17 -- लखनऊ, संवाददाता। अयोध्या रोड स्थित कमता की शंकरपुरी कालोनी में चल रही एकादश श्रीमद् भागवत कथा, कमता महोत्सव व 21 कुंडीय ज्ञान यज्ञ में बुधवार को पंडित विनोदानंद शास्त्री जी महाराज ने अहंकार और अनादर के विनाशकारी परिणाम का संदेश दिया। शिव-दक्ष द्रोह प्रसंग की व्याख्या करते हुए उन्होंने कहा कि अहंकार और अनादर के विनाशकारी परिणाम होते हैं। इसके कारण ही देवी सती ने आत्मदाह किया और दक्ष के यज्ञ का विध्वंस हुआ। महाराज जी ने शिव विवाह प्रसंग सुनाते हुए कहा कि शिव विवाह, केवल दो आत्माओं का मिलन नहीं, बल्कि आदि शक्ति देवी पार्वती और महादेव के शाश्वत, ब्रह्मांडीय मिलन का प्रतीक है। जो प्रेम, तपस्या और सृष्टि के संतुलन को दर्शाता है। इस अवसर पर भक्तों ने सरस भजनों का आनंद लिया। भोले बाबा की आ गई बारात चलो सखी दर्शन करें.... भजन प...
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