बलिया, जनवरी 9 -- रतसर। स्थानीय अस्पताल को प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र से अपग्रेड कर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का भवन तो मिल गया। लेकिन उद्घाटन के पांच साल बाद भी इस अस्पताल पर सुविधाएं प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र की है तथा लाइसेंस भी पीएचसी का ही चल रहा है। सुविधाओं के अभाव में गड़वार ब्लॉक के हजारों लोगों को उपचार कराने के लिए 25 किलोमीटर दूर जिला अस्पताल जाना पड़ता है। आलम यह है कि अस्पताल पर रात में केवल फार्मासिस्ट रहते हैं। बिजली गुल होने के बाद समूचे अस्पताल परिसर में अंधेरा पसर जाता है। अस्पताल पर आंख के चिकित्सक तो तैनात हैं। लेकिन जांच की मशीन नहीं होने से डॉक्टर पुराने सिस्टम से उपचार करते हैं। अस्पताल पर दंत चिकित्सक और अन्य विशेषज्ञों की कमी है। लिहाजा क्षेत्रीय लोगों को उपचार कराने या तो निजी क्लीनिकों या फिर जिला अस्पताल जाना ...
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