प्रयागराज, जनवरी 20 -- प्रयागराज, संवाददाता। करछना के रामपुर स्थित एक निजी अस्पताल के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर मंगलवार को अधिवक्ताओं ने सीएमओ कार्यालय पर प्रदर्शन किया। साथ ही प्रकरण की निष्पक्ष जांच कराकर अस्पताल का पंजीकरण रद्द करने मांग की। करछना के सेमरी गांव के रहने वाले अधिवक्ता गणेश शंकर शुक्ल के अनुसार उनकी पत्नी वशिता गर्भवती थीं और उनका इलाज डॉ. व्यंजना पांडेय की देखरेख में चल रहा था। 29 अक्तूबर को उन्होंने जांच करके कुछ दवाएं दीं थीं। लेकिन पांच नवंबर को जब दोबारा जांच के लिए अस्पताल पहुंचे तब पला चला कि गले में नारा फंस जाने के कारण बच्चे की गर्भ में ही मौत हो चुकी है। अधिवक्ता का आरोप है कि बच्चे की मौत के बावत पूछने पर डॉ. पांडेय ने अभद्रता की। उसके बाद करछना के एक दूसरे अस्पताल में ऑपरेशन से मृत बच्चे को निकाला गया। इ...
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