अलीगढ़, दिसम्बर 26 -- (सवालों में अस्पताल) अलीगढ़, वरिष्ठ संवाददाता। निजी अस्पतालों में इलाज के साथ-साथ दवाओं और सर्जिकल सामान के नाम पर मरीजों से खुली लूट की जा रही है। सामान्य दवा बाजार की तुलना में अस्पतालों की फार्मेसी में दवाएं चार गुना तक महंगी हैं। हालात यह हैं कि मरीजों और तीमारदारों को बाहर से सस्ती दवा लाने तक की अनुमति नहीं दी जाती। आपातकालीन और जीवन रक्षक दवाओं में यह मनमानी सबसे ज्यादा देखने को मिल रही है। नियमों के बावजूद जिम्मेदार विभागों की कमजोर निगरानी से मरीज आर्थिक शोषण का शिकार हो रहे हैं। शहर के कई निजी अस्पतालों में मरीजों को बीमारी से ज्यादा डर अस्पताल की फार्मेसी के बिल का सताने लगा है। इलाज के नाम पर भर्ती होते ही दवा, इंजेक्शन और सर्जिकल सामान के ऐसे बिल थमाए जाते हैं, जिनका बाजार से कोई मेल नहीं बैठता। सामान्य ...