फर्रुखाबाद कन्नौज, जनवरी 7 -- फर्रुखाबाद, संवाददाता। सुप्रीम कोर्ट की ओर से सड़कों, स्कूलों और सार्वजनिक क्षेत्रों में आवारा कुत्तों की मौजूदगी पर जो टिप्पणी की गयी हैइसके बाद भी अभी तक जिम्मेदरारों की लापरवाही दिख रही है। शहर से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों में कुत्तों का कहर बरप रहा है। रोजाना ही जिला और ग्रामीण क्षेत्रों के अस्पतालों में कुत्ता काटने से पीड़ित लोग पहुंच रहे है। लोहिया अस्पताल में ऐसे मरीजों की बहुतायत है। आवारा कुत्ते न सिर्फ शैक्षणिक संस्थानों बल्कि अस्पतालों, मंडियों में आराम से घुस जाते हैं और यह सार्वजनिक क्षेत्रों के लिए खतरा का विषय बन जाते हैं। सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी के बाद लग रहा था कि शहर और ग्रामीण क्षेत्रों में व्यापक स्तर पर आवारा कुत्तों से लोगों को निजात मिलेगी पर दो माह बाद भी जिम्मेदारों ने आवारा कुत्तों को प...
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