रांची, दिसम्बर 6 -- रांची, विशेष संवाददाता। नीड बेस सहायक प्राध्यापक संघ, झारखंड ने राज्य सरकार के अस्थायी प्राध्यापकों को समायोजित नहीं करने के निर्णय का विरोध किया है। संघ के महासचिव डॉ रामकुमार तिर्की ने कहा कि सरकार ने हम लोगों से आठ वर्षों तक निरंतर सेवा ली और आज यह कहना कि समायोजन नहीं होगा, हमारे जीवन और सम्मान पर सीधा प्रहार है। कहा-हम किसी बैकडोर नियुक्ति के अंतर्गत नहीं आते; हम चयन बोर्ड से चयनित, योग्य और अनुभवी शिक्षक हैं। अस्थायी शिक्षकों ने कहा कि रांची विश्वविद्यालय सहित सभी विश्वविद्यालयों में पिछले आठ वर्षों से अकादमिक दायित्व निभा रहे शिक्षकों के प्रति यह निर्णय अत्यंत निराशाजनक, अमानवीय और अन्यायपूर्ण है। उन्होंने कहा कि वर्ष 1978, 1980 और 1982 में भी (तत्कालीन बिहार/झारखंड) अस्थायी प्राध्यापकों का समायोजन किया गया था। ...