हरदोई, फरवरी 12 -- अतरौली। धर्म के काम में बाधाएं आना स्वाभाविक हैं, क्योंकि 84 कोष परिक्रमा त्याग और तपस्या का मार्ग है। इसी भावना के साथ श्रद्धालुओं से असुविधा में भी सुविधा का अनुभव करते हुए परिक्रमा करने का आग्रह किया गया है। हालांकि असुविधाओं को दूर करने के लिए अधिकारी लगातार निरीक्षण और निर्देश दे रहे हैं पर कई स्थानों पर व्यवस्थाएं पूरी तरह दुरुस्त नहीं हैं। सीतापुर से चलकर हरदोई होकर गुजरने वाली नैमिषारण्य की पौराणिक चौरासी कोषीय परिक्रमा के शुभारंभ में अब मात्र छह दिन शेष हैं। करीब ढाई लाख से अधिक श्रद्धालुओं के आने की संभावना है। चौरासी कोष परिक्रमा समिति के सचिव श्री बनगढ़ महंत संतोष दास खाकी ने बताया कि पड़ाव स्थलों और मार्गों की व्यवस्थाएं अभी भी डामाडोल बनी हुई हैं। इन्हीं समस्याओं को लेकर गुरुवार को नैमिषारण्य स्थित पहला आश...