प्रयागराज, जून 15 -- इंडियन डेंटल एसोसिएशन की प्रयागराज इकाई की ओर से रविवार को सिविल लाइंस स्थित एक होटल में व्याख्यान व कार्यशाला आयोजित की गई। गुड़गांव के एंडोडोंटिक्स सर्जन डॉ़ अगम भटनागर ने कहा कि प्राकृतिक दांतों का कोई विकल्प नहीं है, इसलिए इलाज से ज्यादा जरूरी है कि असली दांतों को बचाकर रखा जाए। दर्द व सूजन में दांतों को निकलवाना नहीं चाहिए, बल्कि आधुनिक तकनीक से इलाज कराकर प्राकृतिक दांतों को बचाना चाहिए। स्वस्थ और सुंदर दांत व्यक्ति की मुस्कान को बरकरार रखने के साथ व्यक्ति के व्यक्तित्व पर खास प्रभाव डालता है। बदलते परिवेश में दांत संबंधी बीमारियों के रोगियों की संख्या लगातार बढ़ रही है। इसमें वाइटल पल्प थेरेपी रूट कैनाल ट्रीटमेंट का एक बेहतर विकल्प माना जा रहा है। जिससे मरीज को काफी सहूलियत होती है। वाइटल पल्प थेरेपी का सक्सेज ...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.