नई दिल्ली, फरवरी 2 -- जमीअत उलेमा-ए-हिंद ने अपने अध्यक्ष मौलाना महमूद असद मदनी के माध्यम से सोमवार को सुप्रीम कोर्ट में असम के मुख्यमंत्री के खिलाफ एक विस्तृत याचिका दायर की। जमीयत ने याचिका में असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्व सरमा के हालिया सार्वजनिक बयान को भड़काऊ और संवैधानिक मूल्यों का खुला उल्लंघन बताया। याचिका में असम के मुख्यमंत्री के 27 जनवरी, 2026 को दिए गए एक भाषण का विशेष रूप से उल्लेख किया गया है। जमीअत उलमा-ए-हिंद ने सुप्रीम कोर्ट से संवैधानिक पदों पर बैठे लोगों के भाषणों के लिए एक कठोर नियामक दिशा-निर्देश तय करने की अपील की।
हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित...
Click here to read full article from source
To read the full article or to get the complete feed from this publication, please
Contact Us.