नई दिल्ली, दिसम्बर 17 -- नई दिल्ली, प्रमुख संवाददाता। भारतीय कला और सौंदर्यबोध की शास्त्रीय अवधारणाएं आज भी आधुनिक जीवन से संवाद करती हैं। इंडिया इंटरनेशनल सेंटर में मंगलवार को पुस्तक अष्टनायिका : द रोमांटिक हिरोइंस फ्राम नाट्यशास्त्र टू मॉडर्निटी' पर आयोजित संगोष्ठी में अष्टनायिकाओं के विविध आयाम पर चर्चा हुई। इस अवसर पर पुस्तक की लेखिका मनोरमा चौधरी और सह-लेखक डॉ. जयकृष्ण चौधरी ने पुस्तक की पृष्ठभूमि, उद्देश्य और वैचारिक संरचना पर विस्तार से चर्चा की। वक्ताओं ने बताया कि यह पुस्तक भरतमुनि के नाट्यशास्त्र में वर्णित आठ शास्त्रीय नायिकाओं की अवधारणा का समग्र और गहन अध्ययन प्रस्तुत करती है। ये नायिकाएं भारतीय कला, साहित्य, संगीत, नृत्य और शिल्प परंपराओं में श्रृंगार रस की विविध भाव-छवियों का सशक्त प्रतीक रही हैं। मनोरमा चौधरी ने कहा कि हर ...