नई दिल्ली, मई 13 -- बॉम्बे हाईकोर्ट ने पुणे के एक स्कूल को अनधिकृत निर्माण के मामले में राहत देने से इनकार कर दिया। हाईकोर्ट ने कहा कि अवैध निर्माण स्वाभाविक रूप से लाइलाज है। स्कूल ने अनधिकृत ढांचे को ध्वस्त करने के आदेश को अदालत में चुनौती दी थी। न्यायमूर्ति ए. एस. गडकरी और न्यायमूर्ति कमल खता की पीठ ने नौ मई के आदेश में कहा कि सिर्फ इसलिए कि शैक्षणिक संस्थान में लगभग 2,000 छात्र पढ़ते हैं, अदालत अधिकारियों को अवैध संरचना को नियमित करने का निर्देश नहीं दे सकती। पीठ ने कहा कि महाराष्ट्र में यह आम धारणा है कि कोई व्यक्ति अवैध रूप से और बिना अनुमति के निर्माण कर ले और बाद में नियमितीकरण की मांग करे, लेकिन अवैधता का कोई इलाज नहीं है। धर्मार्थ शैक्षणिक संस्थान 'आर्यन वर्ल्ड स्कूल ने परिसर में अनधिकृत निर्माण को ध्वस्त करने के पुणे महानगर विक...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.