भदोही, फरवरी 24 -- भदोही, संवाददाता। बंदों पर रहमतों की बारिश करने वाला माह-ए-रमजान का पहला अशरा आधा से ज्यादा बीतने को है। एक मार्च से मगफेरत यानी क्षमा का दूसरा अशरा शुरू हो जाएगा। मौलाना आजाद खां बापू ने कहा कि पाक माह में अल्लाह अपने बंदों को रहमतों से जहां मालामाल करता है वहीं उसे गुनाहों से निजात तथा जहन्नम से आजादी दे देता है। बताया कि इसके लिए माहे रमजान को तीन अशरों (भागों) में बांटा गया है। पहला अशरा रहमत का है जो रमजान के चांद से शुरू होकर दसवें रोजे तक जारी रहता है जबकि दूसरा अशरा मगफेरत (क्षमा) का है। इस अशरे में बंदे को अपने रब से गुनाहों की माफी के लिए दुआ करते हैं। इसी तरह आखिरी अशरा जहन्नम से निजात का माना जाता है। रमजान माह में सभी को पूरे मन से इबादत करनी चाहिए। उधर, शहर के साथ ही जिले की प्रमुख मस्जिदों में पहले दौर की...