शामली, नवम्बर 18 -- न्यायालय ने दो अलग-अलग मामलों में दो दोषियों को सजा सुनाई। वर्ष 2017 में कैराना कोतवाली पर रेशमा निवासी गांव बुंटा थाना गढीपुख्ता के विरुद्ध गोवध अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज हुआ था। मंगलवार को कोर्ट ने दोषी को न्यायालय उठने तक की अवधि की सजा और दो हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया। दूसरे मामले में 1998 में शामली कोतवाली पर आसिफ अली उर्फ आशिक निवासी केदार वाला थाना फेरूपुर जनपद देहरादून के विरुद्ध पशु क्रूरता, गोवध अधिनियम और धार्मिक भावनाएं भड़काने के मामले में मुकदमा दर्ज हुआ था, जिसे कैराना स्थित कोर्ट ने दोषी माना है। कोर्ट ने दोषी को जेल में बिताई अवधि के कारावास और 3600 रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई।

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