सिमडेगा, मार्च 20 -- सिमडेगा, जिला प्रतिनिधि। सिमडेगा के जंगलों में महुआ चुनने के ग्रामीणों द्वारा लगाई गई आग अब एक बड़े खतरे की तरफ इशारा करने लगी हैं। जंगल में आग लगने के कारण जंगल के पेड़ पौधे और वन्य प्राणी का जीवन समाप्त हो रहा है। जो पर्यावरण का संतुलन बिगाड़ रहा है। महुआ एवं अन्य वनों उत्पाद जिले के अर्थव्यवस्था का आधार स्तंभ है और वन उत्पाद जैसे महुआ आदि को जंगल से चुनने के लिए ग्रामीण जंगल में आग लगाते हैं। ताकि उन्हें महुआ चुनने में आसानी हो लेकिन ग्रामीणों द्वारा लगाई जा रही आग भविष्य के लिए कितनी नुकसानदेह साबित हो रही है इसका अनुमान नहीं लगाया जा रहा है। अगर जंगल में आग लगने की घटना पर अंकुश नहीं लगाया गया तो आने वाला भविष्य काफी परेशानी भरा हो सकता है। वन विभाग के द्वारा हर वर्ष जंगल बचाओ अभियान के नाम पर लाखों करोड़ों रुपए ...
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