नई दिल्ली, नवम्बर 28 -- नई दिल्ली, विशेष संवाददाता। व्यापार से जुड़ी तमाम वैश्विक चुनौतियों के बीच चालू वित्तीय वर्ष की दूसरी तिमाही में देश की आर्थिक विकास दर विशेषज्ञों के अनुमान से कहीं अधिक रही है। जुलाई से सितंबर के बीच वास्तविक सकल घरेलू उत्पाद यानी जीडीपी दर में 8.2 प्रतिशत का रिकॉर्ड उछाल आया है, जो बीते वित्तीय वर्ष की समान अवधि के 5.6 प्रतिशत से 2.6 प्रतिशत अधिक है। इससे पहले वित्तीय वर्ष 2023-24 की अंतिम तिमाही में 8.4 प्रतिशत की जीडीपी दर दर्ज की गई थी। उसके बाद लगातार जीडीपी आठ फीसदी के नीचे बनी हुई थी। शुक्रवार को केंद्रीय सांख्यिकी और कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय की तरफ से जारी आंकड़ों से पता चलता है कि बीती तिमाही में विनिर्माण, निर्माण, सेवा, वित्तीय और रियल एस्सेट जैसे क्षेत्रों की गतिविधियों में तेजी आई है, जिस कारण स...