जहानाबाद, अगस्त 14 -- थाने पर तिरंगा फहराने के दौरान रामदाहीन सिंह को लगी थी गोली 1942 में जान पर खेल कर अरवल थाने पर लहराया था तिरंगा अरवल निज संवाददाता। 1942 के भारत छोड़ो आंदोलन का उबाल अरवल में भी था। इसमें कई को सम्मान अभी तक नहीं मिला, तो कई गुमनामी में चले गये। इसमें कई लोगों की भारत को आजादी में अहम भूमिका थी। उस आजादी की लड़ाई में अरवल के वीर सपूत पोस्ट ऑफिस और थाना पर झंडा फहराने के दौरान शहीद हुए तो कई लोग को गोली भी लगी थी रामदाहीन सिंह उर्फ ब्रह्मचारी जी ने गोली खाते हुए अरवल पोस्ट ऑफिस व थाने पर ने फहराया था। तिरंगा अरवल पोस्ट ऑफिस पर हुई अंग्रेजी पुलिस की गोली का परवाह नहीं करते हुए वीर बांकुरों ने तिरंगा फहराया था। गोली खाने के बावजूद क्रांति दिवस नौ अगस्त 1942 को महान स्वतंत्रता सेनानी ने अरवल थाने पर तिरंगा लहराने का काम क...
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