जयपुर, सितम्बर 12 -- इस बार अयोध्या की दिवाली खास होने जा रही है। श्रीराम मंदिर के प्रांगण और आसपास का क्षेत्र जयपुर की गोशालाओं से तैयार हो रहे 5 लाख गोमय दीपकों से रोशन होगा। यह पहला अवसर होगा जब अयोध्या में गोबर से बने ऐसे दीपक जगमगाएंगे, जिनमें 7 औषधीय जड़ी-बूटियों का उपयोग किया गया है। जयपुर के सांगानेर स्थित श्री पिंजरापोल गोशाला के वैदिक औषधीय पादप केंद्र में महिलाएं दिन-रात इन दीपकों को तैयार करने में जुटी हैं। गोबर में रीठा, काली हल्दी, सतावर, जटामांसी, अश्वगंधा, सदाबहार और अतिबला जैसी जड़ी-बूटियों का पाउडर मिलाया जा रहा है। इसके साथ ही काली मिट्टी और सरसों के तेल का मिश्रण दीपक निर्माण में उपयोग हो रहा है। इन्हें जलाने पर न केवल उजाला होगा बल्कि हवन जैसा वातावरण और खुशबू भी फैलेगी। गोशाला के वैदिक औषधीय पादप केंद्र अध्यक्ष अतुल ...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.