अयोध्या, जनवरी 2 -- रानी बाजार। अमौना पूरे महावीर में चल रही श्रीमद् भागवत महापुराण की चतुर्थ दिवस की कथा में कामाख्या धाम से आए कथा व्यास इंद्रेश कौशिक ने बताया कि जब-जब धरती पर अन्याय,अत्याचार और अधर्म बढ़ता है,तब-तब भगवान स्वयं लोकहित में अवतार लेते हैं। भगवान के जन्म का वर्णन करते हुए उन्होंने कहा कि जन्म के समय भगवान के मुख पर अद्भुत तेज था,जिसे देखकर देवकी और वासुदेव के हृदय में आनंद की लहर दौड़ गई। भगवान ने स्वयं कहा कि वे जगत के कल्याण के लिए अवतरित हुए हैं।

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