अयोध्या। स्वरमिल चंद्रा, नवम्बर 25 -- रामनगरी अयोध्या में राममंदिर से महज चार किलोमीटर के फासले पर एक आश्रम 1915 से जरूरतमंद महिलाओं का सुरक्षित ठौर बनने के साथ ही नारीशक्ति की अनूठी मिसाल बना हुआ है। अपने निजी जीवन में किसी न किसी वजह से व्यथित महिलाएं यहां एक आश्रम चला रही हैं। आश्रम में महंत, सेवादार, पुजारी, और पहरेदार सभी पदों की जिम्मेदारी वही शोषित पीड़ित महिलाएं अपने कंधों पर उठा रही हैं। राम नाम जपने के साथ ही अपना जीवनयापन कर रही हैं। रामघाट क्षेत्र के माई बाड़ा आश्रम का संचालन खुद कर रही हैं।थोड़ी मदद तो थोड़ा काम से चल रहा आश्रम इस नाम से यहां तीन आश्रम हैं।अलग बगल स्थित तीनों आश्रम में कुल दो दर्जन से अधिक महिलाएं रहती हैं। इनकी कोई निश्चित आय नहीं है। आपसी सहयोग से ही इन महिलाओं का दैनिक खर्च निकलता है। 110 वर्ष पुराने इस आश...