काठमांडु, दिसम्बर 20 -- काठमांडू की अव्यवस्थित गलियों और भीड़भाड़ के ऊपर, बौद्धनाथ स्तूप का सफेद गुंबद एक मूक प्रहरी की तरह खड़ा है। इसके शिखर पर सुनहरा कलश और चारों दिशाओं में बनी बुद्ध की शांत, चौकस आंखें- जो मानो नीचे घट रही हर हलचल को देख रही हों। दशकों तक ये आंखें तिब्बती शरणार्थियों के लिए सुरक्षा और आश्रय का प्रतीक रहीं जो अपनी मातृभूमि में चीनी दमन से भागकर आए थे। लेकिन आज, तिब्बती शरणार्थियों पर कहीं अधिक दुर्भावनापूर्ण आंखें नजर रख रही हैं: हजारों चीनी सीसीटीवी कैमरे यहां सड़कों के कोनों और छतों पर लगे हैं और नीचे हर हरकत पर नजर रखते हैं। इस गहन निगरानी ने एक समय विश्वव्यापी गूंज पैदा करने वाले 'फ्री तिब्बत' आंदोलन को दबा दिया है। नेपाल अब उन कम से कम 150 देशों में शामिल है, जहां चीनी कंपनियां निगरानी तकनीक निर्यात कर रही हैं। व...
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