नई दिल्ली, जनवरी 12 -- नितिन पाई,निदेशक, तक्षशिला संस्थान अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पिछले हफ्ते सोशल मीडिया पोस्ट में लिखा कि अमेरिका के बिना नाटो कुछ भी नहीं। ग्रीनलैंड की अपनी लालसा के संदर्भ में उन्होंने यह टिप्पणी की थी। इससे नाटो में टूट की आशंका बढ़ गई है, जिसका हिस्सा खुद अमेरिका भी है। हालांकि, डेनमार्क के संजीदा लोग यही मानते हैं कि अमेरिका आसानी से कब्जा कर सकता है। शेन हैरिस और उनके साथियों ने द अटलांटिक में लिखा है कि यह नियंत्रण राष्ट्रपति ट्रंप द्वारा सोशल मीडिया पर बस इस एक एलान के साथ हो सकता है कि यह इलाका अब अमेरिका का हिस्सा है। इसका विरोध न तो डेनमार्क करेगा और न ही कोई अन्य नाटो सदस्य, क्योंकि वाशिंगटन से टकराने की कुव्वत उनमें नहीं है। इस पूरे मामले ने यूरोपीय देशों के फिर से हथियार-संपन्न होने की जरूरत पर ...