नई दिल्ली, अगस्त 6 -- अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के दूसरे कार्यकाल की शुरुआत के कुछ ही महीनों में भारत और अमेरिका के बीच संबंधों में खटास आने लगी है। टैरिफ विवाद और रूस से तेल आयात ने दोनों देशों के बीच संबंधों को इस कदर बिगाड़ दिया है कि अब भारत नए सिरे से रणनीति तैयार करने में लग गया है। चीन के साथ एक बार फिर से संबंधों को बेहतर किया जा रहा है। इसी महीने के आखिर में पीएम मोदी शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) की बैठक में शामिल होने के लिए चीन जा रहे हैं और वहां चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग से भी मुलाकात हो सकती है। चीन से एक बार फिर से संबंध बेहतर करना भारत का ट्रंप कार्ड माना जा रहा है, जिससे अमेरिका के चारों खाने चित्त होने की संभावना है।अमेरिका से कड़वाहट और चीन से संबंधों में सुधार की पहल साल 2014 में पहली बार प्रधानमंत्री बनने के बाद प...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.