नई दिल्ली, नवम्बर 17 -- नई दिल्ली, अरविंद सिंह। केंद्र सरकार लगभग 17 साल बाद देश में टोल टैक्स व्यवस्था में आमूल-चूल परिवर्तन करने जा रही है। इसके तहत भारत में सड़क यात्रियों से अमेरिका, फ्रांस, जर्मनी और जापान की तर्ज पर टोल टैक्स वसूला जाएगा। भविष्य में टोल में सालाना बढ़ोत्तरी के बजाए यह कंजेशन, पीक आवर्स-सीजन, उत्सर्जन, भीड़ प्रबंधन आदि फार्मुले के आधार पर लगया जा सकता है। इसका असर सड़क यात्रियों की जेब पर घटी-बढ़ी टोल दरों के रूप में पड़ सकता है। सड़क परिवहन मंत्रालय टोलिंग सिस्टम के सामाजिक-आर्थिक प्रभाव व उपयोगकर्ता (सड़क यात्री) सहित अन्य पक्षों पर पड़ने वाले प्रभाव को समझने के लिए व्यापक अध्ययन करा रहा है। इस कार्य को नीति आयोग और आईआईटी दिल्ली संयुक्त रूप से कर रहे हैं और नए साल में रिपोर्ट के आने की संभावना है। मंत्रालय के एक व...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.