नई दिल्ली, जनवरी 22 -- चुनाव आयोग ने मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) करने संबंधी निर्णय को 'निष्पक्ष, न्यायसंगत और उचित बताया और सुप्रीम कोर्ट से बिहार में इस प्रक्रिया को चुनौती देने वाली याचिकाओं को खारिज करने का आग्रह किया। इसने दलील दी कि कुछ गैर सरकारी संगठनों और नेताओं के इशारे पर विशेष पड़ताल के नाम पर बिना किसी ठोस आधार के जांच नहीं की जा सकती। इस दौरान, चुनाव आयोग की ओर से वेनेजुएला के राष्ट्रपति रहे निकोलस मादुरो प्रकरण का भी जिक्र किया गया। याचिका पर सुनवाई के दौरान कहा गया था कि बिहार एसआईआर, चुनावी रोल रिविजन और नागरिकता तय करने के बीच की लाइन को धुंधला कर सकता है और यह वोटर्स को वोट देने के अधिकार को भी वंचित कर सकता है। इसमें अमेरिकी कानून का हवाला दिया गया। कोर्ट से कहा गया कि यहां तक कि अमेरिका में भी ड्यू ...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.