गौरीगंज, सितम्बर 24 -- गौरीगंज। रामलीला समिति चौक बाजार गौरीगंज द्वारा मंगलवार की रात हुई रामलीला में नारद मोह, विश्वमोहिनी स्वयंवर एवं श्रीराम जी के जन्म का अत्यंत मोहक चित्रण किया गया। जिसमें बड़ी संख्या में दर्शक उपस्थित रहे। मां पार्वती-भगवान शंकर जी के संवाद के बाद देवर्षि नारद श्रीमन नारायण हरि का कीर्तन करते करते हिमालय की गुफा में तपस्या करने हेतु ध्यान साधना में लीन हो गए। नारद के तपस्या में अत्यधिक लीन होने के दौरान अपने दरबार में बैठे देवराज इन्द्र का सिंहासन अचानक हिलने लगा। जिस पर उन्होंने कामदेव को नारद की तपस्या को भंग करने का आदेश दिया। नारद ने नेत्र खोलने पर कामदेव के अनैतिक कार्य को माफ कर दिया। लेकिन उन्हें घमंड हो गया।
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