गौरीगंज, सितम्बर 5 -- शुकुल बाजार, संवाददाता। क्षेत्र के गांवों में गठित ग्राम स्वच्छता पोषण समितियों का हाल बुरा है। लोगों की मानें तो इनका कार्य केवल कागजों तक ही सीमित रह गया है। साफ सफाई तथा दवा के छिड़काव का लेखा-जोखा महज कागजों पर दिखाकर लाखों की धनराशि ग्राम पंचायतों में हजम की जा चुकी हैं। ऐसी भी कई ग्राम पंचायतें हैं जिनमें योजना की शुरुआती दौर से लेकर आज तक धरातल पर स्वच्छता योजना का क्रियान्वयन नहीं हो सका है। सरकार द्वारा ग्राम पंचायतों में ग्राम स्वास्थ स्वाक्षता व पोषण समिति का गठन करके इसकी जिम्मेदारी ग्राम प्रधान तथा ग्राम पंचायतों में तैनात एएनएम को सौंपी गई है। सम्बंधित विभाग के सूत्रों की मानें तो इस मद में छोटी बड़ी ग्राम पंचायतों के अनुसार प्रतिवर्ष पांच हजार से लेकर 15 हजार रुपये तक की धनराशि खातों में भेजी जाती है। ग्...
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