गौरीगंज, जनवरी 5 -- शुकुल बाजार। गोमती नदी के तट पर बसे गांव किसनी के दूधाधारी जंगल में रविवार की रात दो शीशम के पेड़ काटे गए। जिसकी सूचना ग्रामीणों ने पुलिस और वन विभाग को दी। सूचना पर डायल 112 की पुलिस टीम मौके पर पहुंची लेकिन तब तक पेड़ काटने वाले फरार हो गए। लेकिन 12 घंटे बीतने के बावजूद वन विभाग ने कार्रवाई नहीं की। करीब 25 किलोमीटर में फैले इस जंगल में शीशम और सागौन जैसे बहुमूल्य वृक्ष बड़ी संख्या में मौजूद हैं। आरोप है कि लकड़ी माफिया वन मुंशी और गार्डों से तालमेल कर जंगलों से पेड़ कटवाकर आसपास की फर्नीचर दुकानों और आरा मशीनों तक लकड़ी पहुंचा रहे हैं। इस संबंध में वन दरोगा पंकज कुमार ने बताया कि अवैध कटान का मामला संज्ञान में आया है। जांच कराई जा रही है और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

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