गौरीगंज, जनवरी 29 -- शुकुल बाजार। कस्बे के नहर कोठी के पास स्थित अंग्रेजों के जमाने में बने जिस डाक बंगले में कभी पूर्व प्रधानमंत्री स्व. राजीव गांधी रुका करते थे, नहर विभाग का वह डाक बंगला आज विभागीय उपेक्षा का शिकार होकर अपनी दुर्दशा पर आंसू बहा रहा है। डाक बंगले के चारों तरफ घनी झाड़ियां उगी हुई हैं। भवन की मरम्मत न किए जाने से इसकी दीवारें जर्जर होने लगी हैं। आज यह डाक बंगला अपने जीर्णोद्धार की बाट जोह रहा है। शुकुल बाजार के धनेशा राजपूत ग्राम पंचायत में गेरावां रजबहा के बगल नहर कोठी के पास देश की आजादी के पूर्व अंग्रेजों ने 1940 में डाक बंगले का निर्माण कराया था। सुख सुविधाओं से सुसज्जित यह डाक बंगला देश की बड़ी राजनीतिक हस्तियों के विश्राम का गवाह रहा है। क्षेत्र के बुजुर्ग बताते हैं कि अंग्रेज सरकार के अधिकारी बग्घी से आते थे और यह...
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