पीलीभीत, जनवरी 3 -- पीलीभीत। सात दिवसीय अमृतमयी श्रीमद्भागवत कथा के छठवें दिन भी श्रद्धालुओं का जमावड़ा रहा। कथा व्यास गौरवानंद महाराज ने अपनी अमृतमयी वाणी से कृष्ण जन्म के बाद पूरे ब्रज में बधाइयों के साढ़ पूतना बध का मार्मिक व ममतामयी वर्णन किया। सत्संग में बताया कि भगवान शंकर द्वारा जन्म की खबर सुनकर कृष्ण के दर्शन करने के लिए गोकुल में जाकर अलख जगाया और जिद्द करके बालस्वरूप कृष्ण के दर्शन किये। कृष्ण जी की बाल लीलाओं के साथ ही गिरि गोवर्धन की पूजा का महत्व बताया। बताया कि भगवान कृष्ण ने लगातार बर्षा से बृजवासियों को हो जन धन हानि के चलते ब्रज में इंद्र के प्रकोप से सात दिन तक गोवर्धन पर्वत को उठाकर बृजवासियों की रक्षा की और इंद्र की पूजा बंद कराते हुए ब्रजवासियों को मुक्त कराया। जिससे इंद्र का घमण्ड भगवान कृष्ण द्वारा चूर चूर कर दिया। ...