बिजनौर, दिसम्बर 9 -- सामाजिक वानिकी वन प्रभाग बिजनौर व अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के वन्यजीव विभाग के सहयोग से अमानगढ़ टाइगर रिज़र्व और इसके बाहरी क्षेत्रों में बाघ तथा गुलदार (तेंदुआ) के व्यवहार को समझने के लिए एक महत्वपूर्ण वैज्ञानिक अध्ययन शुरू हुआ हैं । जिस शोध का मुख्य उद्देश्य बिडाल वंशीय (दोनो बड़ी बिल्लियों गुलदार- बाघ) के बीच अन्तर्प्रजातीय अंतःक्रिया, उनके पर्यावासों का उपयोग तथा आहार विभाजन को वैज्ञानिक ढंग से समझना है। शोधकर्ताओं की टीम सर्वेक्षण के शुरूआत में रिज़र्व क्षेत्र में वन्यजीवों के विशेष दखल वाले (ऑक्यूपेंसी) क्षेत्र में निरीक्षण व मल (स्कैट) संग्रहित करेगी। यह शोध दो महीनों की अवधि में पूरा किया जाएगा। पूरे अमानगढ़ टाइगर रिज़र्व को लगभग 2.56 वर्ग किलोमीटर के 30 ग्रिडों में विभाजित किया गया है, जहां प्रत्येक ग्रिड...