अमरोहा, अगस्त 24 -- वायु प्रदूषण की रोकथाम के लिए धान की पराली जलाने पर प्रतिबंध लगाया गया है। इस बार कड़ाई से एनजीटी के नियमों का पालन कराया जाएगा। पराली जलाने पर किसानों पर जुर्माने की कार्रवाई के साथ ही एफआईआर दर्ज कराई जाएगी। सेटेलाइट के जरिए धान के खेतों की निगरानी होगी। जिला और तहसील स्तर पर उड़नदस्ता टीम गठित की जा रही हैं। पराली को गोशालाओं में भेजा जाएगा। किसान पराली व फसल अवशेष जलाने के बजाए इन्हें सड़ाकर जैविक खाद बनाकर खेती में ही प्रयोग करें। इससे पर्यावरण व जमीन का स्वास्थ्य दोनों ही अच्छे रहेंगे। अमरोहा जिले में 27 हजार हेक्टेयर भूमि पर धान की फसल उगाई गई है। एक माह बाद धान की कटाई और थ्रेसिंग का कार्य शुरू होगा। बढ़ते वायु प्रदूषण के चलते धान की पराली जलाने पर रोक लगी है। एनजीटी के नियमों का जिले में कड़ाई से पालन कराया जाएगा।...
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