रांची, जनवरी 10 -- रांची, विशेष संवाददाता। सुप्रीम कोर्ट ने गैंगस्टर अमन श्रीवास्तव, उसके परिजन समेत 19 पर गैरकानूनी गतिविधि (रोकथाम) अधिनियम (यूएपीए) के तहत मुकदमा चलाने की अनुमित के झारखंड सरकार के आदेश को रद्द कर दिया है। जस्टिस विक्रम नाथ और जस्टिस संदीप मेहता की बेंच ने कहा कि अभियोजन की स्वीकृति कोई औपचारिकता नहीं, बल्कि एक गंभीर और पवित्र कानूनी प्रक्रिया है, जिसमें सक्षम प्राधिकारी को स्वतंत्र रूप से सोच-विचार कर निर्णय लेना होता है। अदालत ने स्पष्ट किया कि आरोपियों पर आईपीसी और बीएनएस के तहत मुकदमा जारी रहेगा। मामला एटीएस के केस से जुड़ा है। इसमें अमन गैंग के गुर्गे रंगदारी वसूलने, आतंक फैलाने और हवाला के जरिए अवैध पैसों का लेन-देन कर रहे थे। इसमें एटीएस ने इन पर यूएपीए की विभिन्न धाराओं के तहत अभियोजन स्वीकृति मांगी थी। इस मामले...