मेरठ, फरवरी 4 -- शब-ए-बरआत पर ताज पैलेस में हुए जलसे में मौलाना कारी शफीक़ुर्रहमान क़ासमी, मुफ्ती हसन कासमी, मुफ्ती जुनैद कासमी, मुफ्ती असलम, मुफ्ती मेराज, मौलाना अरहम ने तकरीर की। मशहूर शायर कारी सौबान ने नात, नज़्म पेश की। कारी शफीकुर्रहमान कासमी ने नौजवानों की सराहना करते हुए कहा इस बार आतिशबाजी बहुत कम हुई है। हमारी अपील पर इस गुनाह से बचना यह बताता है कि दीन और उलेमा की बात मानने का जज़्बा क़ौम में मज़बूत है। इस्लामिक स्कॉलर मौलाना मुफ़्ती वसी सुलेमान नदवी ने कहा कि कुरआन बेहतरीन उसूलों वाली ख़ुदाई किताब है, जो मानवता, अमन एवं शांति का संदेश देती है। अच्छा समाज बनाने की रहनुमाई करती है। गरीबों के साथ हमदर्दी का हुकुम करती है। प्रोग्राम का उद्घाटन दुनिया के प्रसिद्ध क़ारी मोहम्मद साजिद क़ासमी ने तिलावत ए क़ुरआन-ए-पाक से किया। शायर कार...