विनोद मुसान। उत्तरकाशी, अगस्त 7 -- उत्तरकाशी के धराली में आई आपदा के निशान देहरादून से ही शुरू हो जाते हैं। मसूरी-सुवाखोली मार्ग पर तेज बारिश, पहाड़ों से गिरते पत्थर और बहता मलबा हर कदम पर मुश्किलें खड़ी कर रहा है। आमतौर पर पांच घंटे में तय होने वाला देहरादून से उत्तरकाशी का सफर इस बार आठ घंटे में पूरा हुआ।लगातार दरक रहे पहाड़ मंगलवार को धराली में बादल फटने की घटना के बाद पूरे इलाके में अफरातफरी का माहौल है। इसी बीच बुधवार को टीम 'हिन्दुस्तान' तड़के पांच बजे देहरादून से उत्तरकाशी के लिए रवाना हुई। मूसलधार बारिश के बीच देहरादून से मसूरी पहुंचने में ही डेढ़ घंटा लग गया। मसूरी से सुवाखोली तक रास्ता सामान्य रहा, लेकिन इसके बाद रौतू की वैली, अलमस बैंड और भवान के बीच पहाड़ से लुढ़कते पत्थरों ने कई बार भयभीत किया।नदियां उफान पर आबली-साबली और थान गांव...
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