मुजफ्फरपुर, फरवरी 3 -- मुजफ्फरपुर, प्रमुख संवाददाता। लगभग 50 वर्ष पूर्व मुजफ्फरपुर धरती से निकलकर विजय खरे ने अपने अभिनय का डंका पूरे देश में बजाया। उनकी पहली फिल्म रईसजादा सन 1997 में रिलीज हुई थी, जिसके हीरो राकेश रोशन थे। उसके बाद शत्रुघ्न सिन्हा के साथ कालका, जितेंद्र के साथ बलिदान, धर्मेंद्र के साथ लोहा जैसी हिंदी फिल्मों में काम करने के बाद उनकी पहली भोजपुरी फिल्म 1982 में रिलीज हुई थी, जिसका नाम था गंगा किनारे मोरा गांव। इसके बाद वह पूर्ण रूप से भोजपुरी फिल्मों के खलनायक बन गए। उन्होंने लगभग 300 भोजपुरी फिल्म तथा 50 हिंदी फिल्मों में अभिनय किया। उन्हें अपने पैतृक शहर मुजफ्फरपुर से विशेष लगाव था। उन्होंने हमेशा नए कलाकारों को प्रोत्साहित किया। ये बातें रविवार को कालीबाड़ी में आयोजित श्रद्धाजंलि सभा में शहर के रंगकर्मी-कलाकारों ने उन...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.