नई दिल्ली, मई 19 -- 1941 में निर्मित फ़िल्म चित्रलेखा में एक छोटी भूमिका से अपने करियर की शुरुआत करके भक्त कबीर,भाईचारा (1943), सुहागरात (1948), उधार (1949), आंखें (1950), सागर (1951), हमारी शान (1951) और बैजू बावरा जैसी क्लासिक फिल्मों में अपने अभिनय का लोहा मनवाने वाले अभिनेता भारत भूषण की जमीन पर बनी 100 साल पुरानी धर्मशाला को खाली कराने को लेकर अलीगढ़ में हंगामा हो गया है। इस धर्मशाला में 50 से अधिक परिवार सालों से रहते हैं। भारत भूषण का जन्म 1920 में अलीगढ़ के एक वैश्य जमीदार परिवार में हुआ था। वह गायक बनने का इरादा लेकर मुंबई पहुंचे थे। लेकिन बाद में अभिनेता के तौर पर अपनी खास पहचान बनाई। भारत भूषण ने तानसेन, कालिदास, मिर्जा गालिब और संतकबीर जैसे चरित्रों को बखूबी निभाकर सिनेमा जगत में एक अलग मुकाम हासिल किया। यह भी पढ़ें- आधी रात क...
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