शामली, जुलाई 26 -- अब परिषदीय विद्यालयों को 500 या उससे अधिक छात्र नामांकन के आधार पर ही आदर्श स्कूलों का दर्जा मिलेगा। इसके साथ ही स्कूलों को 19 पैरामीटर भी पूरे करने होगें। इन 19 पैरा मीटरों में छात्रों की शैक्षिक स्थिती से लेकर स्कूल भवन की स्थिति तक की गणना होगी। परिषदीय विद्यालयों की स्थिती और इनमें पढ़ रहें बच्चों की शैक्षिक गुणवत्ता को ध्यान में रखते हुए उनके सुधार के लिए, सरकार नित नई नई योजनाए शुरू करती रहती है। विद्यालयों के भवनों एवं स्मार्ट क्लास आदि पर करोड़ों रुपये खर्च किए जा रहे है लेकिन इसके बाद भी विद्यालयों में छात्र संख्या लगातार गिर रही है। इसको लेकर शैक्षणिक गुणवत्ता पर सवाल खड़े हो है। यह तो तब है जब विभाग ने कम छात्र संख्या वाले स्कूलों को बंद करने का फैसला ले लिया है। इसके तहत 50 छात्र संख्या से कम स्कूलों दूसरे स...
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