पटना, सितम्बर 12 -- विधानसभा चुनाव को लेकर बिहार की सियासी तपिश का ग्राफ लगातार हाई हो रहा है। जुबानी राजनीति में श्रीराम, हनुमान, रावण, कंश, धृतराष्ट्र जैसे कई पात्र पहले ही जगह बना चुके हैं। अब दुर्योधन ने भी एंट्री मार ली है। दुर्योधन राजद के युवराज तेजस्वी यादव को बताया गया है। उन्हें यह उपाधि देने वाले जन सुराज पार्टी के संयोजक प्रशांत किशोर हैं जो 2015 में नीतीश लालू के मिलन और महागठबंधन सरकार के सूत्रधार होने का दावा करते हैं। दरअसल इन दिनों प्रशांत किशोर सीएम नीतीश कुमार की इमानदारी पर फिदा हैं। लगातार बोल रहे हैं कि बिहार सीएम व्यक्तिगत रूप से कहीं भ्रष्टाचार में लिप्त नहीं हैं। उनके खिलाफ कोई प्रमाण नहीं दे सकता। इस बीच तेजस्वी यादव ने नीतीश कुमार को भ्रष्टाचार का भीष्म पितामह बता दिया। प्रशांत किशोर से जब इस पर सवाल किया गया तो...
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