इस्लामाबाद, जनवरी 12 -- पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने दावा किया है कि अब उनके देश को पैसे के लिए अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) के सामने कटोरा नहीं फैलाना पड़ेगा। उन्होंने दावा किया है कि ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भारत के साथ पिछले साल मई 2025 में हुए सैन्य संघर्ष के बाद चीन के सहयोग से बने फाइटर जेट JF-17 की अंतरराष्ट्रीय मांग बहुत तेजी से बढ़ी है। उन्होंने दावा किया कि JF-17 की अन्य देशों से इतने अधिक ऑर्डर मिल रहे हैं कि पाकिस्तान को छह महीने बाद अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष से कर्ज़ लेने की जरूरत ही नहीं पड़ेगी। ख्वाजा आसिफ ने जियो न्यूज़ से बातचीत में कहा, "हमारे विमान युद्ध में परखे जा चुके हैं और अब हमें रिकॉर्ड संख्या में ऑर्डर मिल रहे हैं।"IMF पर पाकिस्तान की निर्भरता बता दें कि फिलहाल पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था अंतरराष्ट्रीय ...
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